ऐसे होती है हद पार मेहनत : Best Motivational blog On Hard Work

 ऐसे होती है हद पार मेहनत  : मोटिवेशनल 

अगर आपकी डायरेक्शन सही नहीं  है तो आप कितने ही मेहनत कर लो। आप कितना ही स्मार्ट वर्क करो, आप  वहाँ पहुँच नहीं पाओगे जहाँ पहुंचना है | पहुंचने की वजह होती है की डायरेक्शन सही है या नहीं। आप चाहें तेज भागो,  आप चाहे जल्दी पहुँचो , बहुत ज्यादा लेट पहुँचो आप अपनी मंजिल तक तभी पहुँचेंगे जब आपकी डायरेक्शन सही  होगी।

ऐसे होती है हद पार मेहनत : Best Motivational blog On Hard Work
 ऐसे होती है हद पार मेहनत : Best Motivational blog On Hard Work

 आपको कुछ प्रिंसिपल्स बताऊंगा ठीक इसी तरह आप जो भी काम कर रहे हो पढ़ाई कर रहे हो या जो भी आप काम करना चाहते हो तो आज इस ब्लॉग  में ऐसी बातें बताने वाला हू  जो आपको मेहनत करते वक्त याद रखना बहुत ज़रूरी है। तो पॉसिबल हो तो इन सारी बातों को नोट डाउन  कर लेना ताकि आप बार बार याद भी कर सकते है  । 

1 .  सटीक गोल (Exact Goal)

 जो आपको मेहनत करते वक्त याद रखना बहुत ज़रूरी है, वो है सटीक गोल वन ऑफ थे बेस्ट सेलिंग बुक द पावर ऑफ योर सब कॉन्सिअस माइंड  में ऑथर(Author )  डॉक्टर जोशेप मर्फी ने बताया है कि जब हम हमारे सबकॉन्शस माइंड को पूरे तरीके से कन्विंस कर देते है की उसे क्या करना है तो वो उसके हिसाब से ढल जाता है। हम अपने दिमाग को जो बोलते है, बहुत बार ही बोलते है, विश्वास बना लेते हैं तो वो  उसके अनुसार ही  चलने लग जाता है। हमारे एक्शन ही  वैसे होने लग जाते है। ऐसे होती है हद पार मेहनत : Best Motivational blog On Hard Work फिर वो हमें उसके अनुसार  ये जो हमने सोचा है उसके अनुसार ही रिऐक्ट करवाने लग जाता है। हमारा दिमाग इस पॉइंट पर मैं ये कहना चाहता हूँ।कि  अपने गोल को बहुत ही डिटेल में इमैजिन कर के अपने माइंड को कमांड  दे दो ।

 अमेरिका के फेमस पॉलिटिशन डैन सालिव न  कहते हैं कि हमारे कान वही सुनते हैं जो हमारा माइंड सुनना चाहता है या फिर हमारी आंखें वही देखती है जो हमारा माइंड देखना चाहता है, कई बार होता है, सामने होते हुए भी हम नहीं देख पाते हैं और कई बार होता है कि हमारे दिमाग में कुछ चल रहा है और वो हमें हर जगह दिख रहा है।तो यह इसी वजह से होता है क्योंकि हमारा दिमाग ही हमें दिखाना चाहता है,  इमैजिन करो आप को बहुत भूख लगी है और आप रास्ते में जा रहे हो। कहीं पे मार्केट में जा रहे हो तब आपको जगह जगह होटल ही दिखेगी। आपको जगह जगह खाने की चीजें दिखेगी क्योंकि आपका ब्रेन ये डिमांड कर रहा है।

 साइकोलॉजी में इसको सिलेक्टिव अटेंशन कहते हैं। अगर हमारा दिमाग कोई सिलेक्टेड डिमांड  करने लग जाता है तो उसे पाने के लिए अपने आप रास्ते बनाने लग जाता है। इसलिए कहते हैं यू बिकम वॉट यू थिंक अबाउट आप जो सोचते हो, बन जाते हो, क्योंकि आपका दिमाग आपसे वही करवाने लगता  है। 

अब बात आती है कि हम हमारे दिमाग से सिलेक्टिव डिमांड कैसे क्रिएट करे? 

तो मैं एक Example : समझाता हूँ, मान लो आपको अपना वेट घटना है। आप सोचोगे की मुझे मेरा वेट घटाना है लेकिन ये सोच गलत  है ये इतनी सेलेक्टिव नहीं है। इसको आपको सिलेक्टिव तरीके से सोचना हैं।यानी की और भी गहरे  तरीके से सोचना है की मुझे वेट 65 kg  करना है, ये कैसे होगा? तो आप उसके ऊपर काम करोगे कि मुझे पांच km  डेली रनिंग करनी है। मुझे सोने से 5 घंटे पहले अपना डिनर कर लेना है। ये सारी चीजें आपके जवाब में आने  लग जाएगी और फॉलो करने लग जाओगे। ये है  सिलेक्टिव डिमांड। फिर जब ये इन्फॉर्मेशन सबकॉन्शियस माइंड में स्टोर हो जाएगी तो आपका ब्रेन अपने आप, आप  से काम करना शुरू कर देगा।तो आपको सिलेक्टिव डिमांड करनी है नंबर वन आपको यह ध्यान रखना है और क्या चीजें हैं जो आपको ध्यान रखना बहुत जरूरी है?

2 .  खुद पर विश्वास ( Belief In Yourself )

 दूसरी बात जो आपको जो आपको मेहनत करते वक्त याद रखना बहुत ज़रूरी है वो है खुद पर विश्वास ( Belief In Yourself )  फेमस पर्सनैलिटी फ्लोरेंस इन Belief In Yourself  के बारे में कहते हैं कि Faith  Known  is  Already Recieved  And Act  Accordingly  यानी की अगर आपको पता है कि ऐसा होगा तो फिर सारा काम उसके अनुसार होने लग जाता है।चलो वापस स्टडी से रिलेटेड ही एग्ज़ैम्पल देता हूँ। 

आप पढ़ाई कर रहे हो तो क्यों कर रहे हो? कहीं ना कहीं आपको पता है कि अगर मैं पढूँगा तो कुछ अच्छा हो सकता है। अगर आपको 100% ये पता है कि मैं तो फेल ही होगा। 100 %आपको पता है कि मेरा  कुछ नहीं होना पड़े से । तो शायद आप पढ़ाई ना  करो तो कुछ भी ऐक्शन लेने की वजह होती है कि कहीं न कहीं हमें पता होता है की  यार हो सकता है कुछ तो खुद पर विश्वास ही हमें आगे लेकर चलता है। खुद पर विश्वास होना बहुत जरूरी है। 

3 .   अप डाउन में भी वो चीजें करनी है जो आपको कामयाबी की तरफ ले के जाती है :         (consistent in life)

 नंबर 3 जो मेहनत करते वक्त आपको याद रखना बहुत ज़रूरी है? आप अपने काम को लेकर कितना भी कॉन्स्टेंट हो जाओ जो भी आप कर रहे हैं लगातार करो उसको  लेकिन लाइफ मैं Up -Down आते रहते हैं। जब किसी की लाइफ में बहुत ज्यादा अप आता  है तो आसानी से आप ओवर कॉन्फिडेंट हो जाते  है और जब इंसान का डाउन पे जाता है तो वो सारे अच्छे इन्सिडेंट भूल जाता है जो उसके साथ में हुए थे

 खासतौर से आपको ध्यान यही  रखना है कि चाहे लाइफ मैं अप  हो या  डाउन , आपको हर सिचुएशन में लर्निंग करनी है, Fitness पर ध्यान देना है, Skill  बढ़ाते जाना है, Meditation करना है। कुछ चीजें ऐसी होती है जो एकदम सुबह उठने के बाद हम खाते हैं, कुछ रेगुलर वर्क करते हैं। उसके तरह होना चाहिए। चाहे कैसा भी वक्त चल रहा है वो चीजें करनी है तो करनी है।जैसे रीडिंग करनी है तो करनी है। ये चीजें करनी है तो करनी है ऐसी कुछ चीज़े जो करनी है तो करनी है। 

4. तीन  से ज्यादा प्राथमिकताएं (Priorities) ना रखे 

चौथा पॉइंट और क्या है जो मेहनत करते वक्त आपको ध्यान रखनी है? आइए जानते हैं गुड टू ग्रेट बुक और जिम कॉलिंस  कहते हैं कि If  You Have More Than 3 Priorities Then You Have None  । यानी की अगर आपके पास में तीन से ज्यादा प्राथमिकताएं  है, जो आप काम कर रहे हैं उसके अंदर तो आप फोकस ठीक से  नहीं कर पाओगे ,

 आप क्या बनना चाहते हो? आप क्या करना चाहते हो? अभी करेंट्ली आपको किसके ऊपर काम करना है? वो चीजें केवल तीन ही होनी चाहिए जो दिमाग में चलती रहनी चाहिए अगर वो तीन से ज्यादा है। इसका मतलब है कि आपका फोकस बहुत ज्यादा डिवाइड हो गया है | 

5. इमेजिनेशन की पावर को भूलना नहीं है :

 नंबर फाइवऐसा है जो आपको ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है जिसमे भी आप मेहनत कर रहे हो। कि इमैजिनेशन  की पावर को भूलना नहीं है। फेमस साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर रॉय बाउ  मिस्टर ने इंसान की कॉन्सियसनेस के बारे में कहा है कि अगर कोई इंसान अपनी इमैजिनेशन पावर का यूज़ करेगा।तो ही उसकी कॉन्सियसनेस काम की है और इंसान के पास एक ही चीज़ है जो की है कॉन्सियसनेस जिसकी वजह से वो सुपीरियर माना जाता  है। आप किसी बकरी को देख लो। वो दूसरी बकरी के पीछे पीछे चलती रहती है और वह जिस  बकरी के पीछे  चलती है उसे एक इंसान चलाता है  क्योंकि बकरी कॉन्शस नहीं होती, और वो question  नहीं कर सकती, वो सोच नहीं सकती,

 ऐसा क्यों? ऐसा क्यों नहीं है की किसी भी जीव को देख लो इंसान हीं उनमें सुपिरअर है क्योंकि इंसान अपनी बुद्धि का यूज़ करके इमैजिन कर सकते हैं? इमैजिनेशन एक फंडामेंटल चीजें है इंसान की क्योंकि जब इंसान धरती पर आए थे, उन्होंने चीजों को इमैजिन करना स्टार्ट कर दिया।और उसी इमेजिनेशन की वजह से आज शुरू से लेकर जबसे दुनिया बनी तब से लेकर के अब तक इतनी चीज़े बन पायी है इमैजिनेशन की वजह?

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