गुरु नानक जयंती: इतिहास, महत्व और वह सब जानिए जो आपको नहीं पता !

|| गुरु नानक जयंती: इतिहास, महत्व और वह सब जानिए जो आपको नहीं पता,|| गुरु नानक जयंती: कब मनाई जाएगी 2022 में || क्यों मनाई जाती है इसको मनाने का क्या महत्व है ||

दोस्तों स्वागत है एक नए पोस्ट में और साथ ही साथ हमारे साइट hindimekhoj.in पर आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे गुरु नानक जयंती: कब मनाई जाती है क्यों मनाई जाती है इसको मनाने का क्या महत्व है यह कैसे मनाई जाती है इस दिन क्या क्या करते हैं इससे जुड़ी सारी छोटी बड़ी जानकारी में आपको इस पोस्ट के माध्यम से देने वाला हूँ तो Post को ध्यान से पढ़े :-

गुरु नानक जयंती: इतिहास, महत्व और वह सब जानिए जो आपको नहीं पता !

दोस्तों गुरु नानक जी सिख समुदाय के संस्थापक और पहले गुरु थे। उन्होंने ही सिख समाज की नींव रखी। उनके अनुयायी उन्हें नानक, देव जी, बाबा नानक और नानक शाह कहकर पुकारते थे। दोस्तों, गुरु नानक जयंती सिख धर्म का एक प्रमुख त्योहार है सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी के जन्मदिवस के दिन। गुरु पर्व या प्रकाश पर्व मनाया जाता है।

गुरु नानक जयंती के दिन सिख समुदाय के लोगों वाहे गुरु, वाहे गुरु जपते हुए सुबह सुबह प्रभात फेरी निकालते हैं। गुरूद्वारे में शबद कीर्तन करते हैं, रूमाला चढ़ाते हैं, शाम के वक्त लोगों को लंगर खिलाते हैं। गुरु पर्व के दिन सिख धर्म के लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार सेवा करते हैं और गुरु नानक जी की उपदेशों यानी गुरुवाणी का पाठ करते हैं।

गुरुनानक जयंती कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इस दिन देवों की दीपावली यानी। देव दीपावली भी होती है। हिंदी पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा को।गुरुनानक जयंती मनायी जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक गुरु पर्व हर साल नवंबर महीने में आता है। इस बार गुरुनानक जयंती 8 नवंबर 2022 की है, जो कि मंगलवार की है।

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हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही गुरु पर्व मनाया जाता है। गुरु पर्व या प्रकाश पर्व गुरु नानक जी की जन्मदिन की खुशी में मनाया जाता है। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 को राय भोई की तलवंडी नाम की जगह पर हुआ था जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित ननकाना साहिब मैं हैं।

इस जगह का नाम ही गुरु नानक देव जी के नाम पर पड़ा। यहाँ बहुत ही प्रसिद्ध गुरुद्वारा ननकाना साहिब भी है। जो सिखों का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। इस गुरूद्वारे को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं।दोस्तों, मैं आपको बता दूँ की सेर ए पंजाब नाम से प्रसिद्ध सिख साम्राज्य के राजा महाराजा रणजीत सिंह ने ही गुरुद्वारा ननकाना साहिब का निर्माण करवाया था।

सिख समुदाय के लोग दीपावली के 15 दिन बाद आने वाली कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही गुरुनानक जयंती मनाते है गुरु नानक जी सिख समुदाय के संस्थापक और पहले गुरु थे। उन्होंने ही सिख समाज की नींव रख। उनके अनुयायी ने नानक देव जी, बाबा नानक और नानक सा कह कर पुकार ते हैं। वहीं लद्दाख और तिब्बत में उन्हें नानक लामा कहा जाता है। गुरु नानक जी ने अपना पूरा जीवन।मानवता की सेवा में लगा दिया उन्होंने सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान , ईरान और अरब देशों में भी जाकर उपदेश दिए।

पंजाबी भाषा में उनकी यात्रा को उदासियां कहते हैं।उनकी पहली उदासी अक्टूबर 1507 ईस्वी से 1515 ईस्वी तक रही। 16 साल की उम्र में शुल्क नई नामक कन्या से उनकी शादी कर दी गई और दो बेटे श्रीचंदऔर लखमीदास के वे पिता बने 1539 ईस्वी में करतारपुर जो अब पाकिस्तान में है, उसमें एक धर्मशाला में उनकी मृत्यु हुई। मृत्यु से पहले उन्होंने अपने शिष्य बाह इ लाहाँना को उत्तराधिकारी घोषित किया जो बाद में गुरु अंगद देव नाम से जाने गए। गुरु अंगद देवी सिख धर्म के दूसरे गुरु बने।

गुरु नानक जी की 10 उपदेश

1.ईश्वर एक है, वह हर जगह विद्यमान हैं। हम सबका पिता वही है इसलिए सबके साथ प्रेमपूर्वक रहना चाहिये।

2.तनाव मुक्त रहकर अपने कर्म को निरंतर करते रहना चाहिए तथा सदैव प्रश्न भी रहना चाहिए। 

3.गुरु नानक देव पूरे संसार को एक घर मानते थे, जबकि संसार में रहने वाले लोगों को परिवार का हिस्सा।

4.किसी तरह के लोगों को तैयार कर अपने हाथों से मेहनत कर एवं न्यायोचित तरीकों से धन का अर्जन करना चाहिए।

5.कभी भी किसी का हक नहीं छीनना चाहिए, बल्कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से ज़रूरत मंद को भी कुछ देना चाहिए।

6.लोगों को प्रेम, एकता, समानता, भाईचारा और अदातमिक ज्योति का संदेश देना चाहिए।

7.धन को जेब तक ही सीमित रखना चाहिए उसे अपने हृदय में स्थान नहीं बनाने देना चाहिए।

8.स्त्री जाति का आदर करना चाहिए।वे सभी स्त्री और पुरुषों को बराबर मानते थे।

9.संस्थान को जीतने से पहले स्वयं अपने विकारो पर विजय पाना अति आवश्यक है।

10.अहंकार मनुष्य को मनुष्य नहीं देने देता अत अहंकार कभी नहीं करना चाहिए बल्कि विनम्र होकर सेवाभाव से जीवन गुजारना चाहिए।

 FAQ

Q-सिख धर्म के पहले गुरु का क्या नाम है?

A-उनके पहले गुरु थे गुरु नानक देव जी

Q-गुरु ग्रंथ साहिब में कुल कितने पन्ने हैं?

A-गुरु ग्रंथ साहिब में कुल 1430 पन्ने हैं 

Q-2022 में गुरु नानक जयंती कब है ?

A- इस बार गुरुनानक जयंती 8 नवंबर 2022 की है

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