UPSC Topper Subham Kumar Success Story |ऐसी कौन सी बातें हैं जो शुभम कुमार को टॉपर बनाती है 2022

सच ही कहा गया है। आप सोचिए तो सही आप शिद्दत से किसी चीज़ की चाहत कीजिए तो सही, पूरी कायनात।आपको उससे मिलाने में लग जाती है। आज एक बार फिर ये कहावत चरितार्थ हो रही है जब बिहार के कटिहार जिले के एक छोटे से गांव के शुभम यूपीएससी के टॉपर बन गए हैं। आज हम सब उनकी सफलता की  कहानियाँ तलाशने में लग गए हैं। वाकई ऐसा तभी होता है जब कोई फर्श से अर्श तक पहुंचता है।

IAS सुभम कुमार को टोपर बनाने वाली 4 राज 

शुभम एक सामान्य परिवार से संबंध रखते हैं। उनके परिवार में मम्मी, पापा, दीदी, चाचा और चाची उनके पिता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के मैनेजर हैं। उनका पूरा परिवार कटिहार में ही रहता है। शुभम अपनी।10 वीं की पढ़ाई वृद्धा बिहार रेज़िडेंशल स्कूल पुर्णिया से पूरी करने के बाद बोकारो चले गए थे, जहाँ बिहार के  विद्यालय से उन्होंने बारहवीं उत्तरीन किया और फिर अपने सपने को संजोने के लिए लग गए।

आईआईटी बॉम्बे से अपना सिविल इंजीनियरिंग पूरा किया

आईआईटी की तैयारी करने के लिए निकल पड़े |जब आप के हौसले बुलंद होते है ना तो आपके सारे फैसले सही साबित होते हैं। सुभम आईआईटी की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर आईआईटी बॉम्बे से अपना सिविल इंजीनियरिंग पूरा किया। उन्होंने रिसर्च के एरिया में भी काम किया। यूएस के यूनिवर्सिटी के साथ इंटर्नशिप भी किया, लेकिन कहीं ना कहीं मन में कुछ और ही चल रहा था।

इसलिए उन्होंने आईआईटी से अपनी ग्रैजुएशन पूरी होने के तुरंत बाद मतलब जनवरी 2018 से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दिया और लग गए अपनी उपलब्धियों की श्रृंखला को और भी लंबी करने में। 2018 में पहले प्रयास मैं तो सफलता नहीं मिली लेकिन।हौसला नहीं हारते हुए दूसरा प्रयास किया और ये क्या अभी दूसरे ही प्रयास में 290 रैंक लाकर अपने लिए इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस चुना।लेकिन मन कहाँ मानने वाला था? उन्होंने तो आईएएस बनने का सपना देखा था ना इतने में कैसे संतोष कर लेते?

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तीसरे प्रयास की तैयारी में मिली सफलता 

अभी इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस के ट्रेनिंग चल रही थी पुणे में |लेकिन साथ ही साथ UPSC की  तैयारी जारी थी । तीसरे प्रयास की तैयारी कुछ इस कदर रही है उनकी साधारण से शुभम आज सनसनी बन गई। महज 24 वर्ष की उम्र में शुभम ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित करने का काम कर दिया। शुभम आज भी बिहार को अपने दिल में बसा कर रखते हैं।कहते हैं कि पूरा बचपन बिहार में बेचता है तो बेहद खुशी होगी।

यदि हमें बिहार कैडर मिलेगा, मुझे खुशी होगी कि मैं लोगों की सेवा कर पाऊंगा। जो भी जिम्मेदारी मुझे मिलेंगी, उसे पूरी शिद्दत से निभा पाऊंगा।

IAS सुभम कुमार को टोपर बनाने वाली 4 राज

कोई भी टॉपर ऐसे ही नहीं बनता। टॉप करने के लिए उसके पीछे होता है कठिन परिश्रम और साथ ही साथ बलिदान। जिसकों पिछले साल तक कोई जानता तक नहीं था। आज उसे बिहार के मुख्यमंत्री खुद बधाई दे रहे हैं।

यूपीएससी में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए दोस्तों आज की ब्लॉग में IAS सुभम कुमार को टोपर बनाने वाली 4 राज बताऊँगा कि शुभम कुमार कहाँ से हैं?मैं सिर्फ आपके काम की बात करूँगा। ऐसी कौन सी बातें हैं जो शुभम कुमार को टॉपर बनाती है? वो सारी डिटेल में डिसकस करूँगा। ब्लॉग को बस आप आखिरी तक पड़ना। तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं।

 1. एक सपना देखा

दोस्तों जैसा कि किसी भी महान लक्ष्य की शुरुआत सबसे पहले एक सपना देखने से होती है और जैसा की एपीजे अब्दुल कलाम साहब हमेशा से कहते हैं सपना वो  नहीं होता जो आप सोते वक्त देखते हैं, सपना वो होता है जो आपको सोने ना दें।

इंडिया टुडे के एक इंटरव्यू में शुभम बताते हैं कि मैंने 6 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए घर छोड़ दिया था और पूर्णियां से पढ़ाई की, जिसके बाद आईआईटी में सलेक्शन हुआ और आईआईटी मुंबई से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रैजुएशन कंप्लीट की। 2018 में ग्रैजुएशन पूरी होने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।

2. प्लैन बी का होना

शुभम कुमार कहते हैं कि बारहवीं कक्षा के बाद ही मेरे दिमाग में था कि यूपीएससी की तैयारी करनी है, लेकिन मिडल क्लास से होने के कारण मुझे पहले खुद को थोड़ा स्टेबल करना था, जिसके लिए मैंने सोचा कि अगर आईआईटी निकाल लेता हूँ तो मेरा भविष्य सिक्योर हो जायेगा। उसके बाद मैं अच्छे से तैयारी कर पाऊंगा।तो उन्होंने इसी रणनीति पर फोकस किया और प्लान बी को साथ लेकर चलें।

3. खुद को एक्सप्लोर किया

शुभम कुमार कहते हैं कि जब वह एक कंपनी में काम किया करते थे तो उन्होंने देखा कि जब लीडरशिप पोजिशन पर वो रहते हैं और लोगों के लिए काम करते हैं तो अपना बेस्ट दे पाते हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी। स्ट्रेंथ का पता चला और यूपीएससी की तैयारी में खुद को जानना सबसे जरूरी होता है की मेरी स्ट्रेंथ क्या है और वीकनेस क्या है?

4. कितने घंटे पढ़ें

शुभम कुमार कहते हैं, पिछले 3 साल से 7-8 घंटे लगातार मैं पढ़ाई कर रहा था। उनका मानना ये है की कितने घंटे आप पढ़ रहे हैं इससे कहीं ज्यादा मायने रखता है कि कितने नियमित तरीके से कंसिस्टेंट होकर आप  पढ़ाई करते हैं। डिसिप्लिन और कंसिसटेंसी का किसी भी क्षेत्र में कोई तोड़ नहीं होता। जी हाँ दोस्तों ये तीन चार इम्पोर्टेन्ट बात है जो शुभम कुमार को टोपर बनाती है।

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दोस्तों आशा करता हु की आपको ये हमारा ब्लॉग IAS सुभम कुमार को टोपर बनाने वाली 4 राज आपको आपके  UPSC के सफर में बहुत सहयता और प्रेरणा देगा |


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