दोस्तों गुरु नानक जी सिख समुदाय के संस्थापक और पहले गुरु थे। उन्होंने ही सिख समाज की नींव रखी।  

हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही गुरु पर्व मनाया जाता है। गुरु पर्व या प्रकाश पर्व गुरु नानक जी की जन्मदिन की खुशी में मनाया जाता है।

गुरु नानक जी की 10 उपदेश

1.ईश्वर एक है, वह हर जगह विद्यमान हैं। हम सबका पिता वही है इसलिए सबके साथ प्रेमपूर्वक रहना चाहिये।

2.तनाव मुक्त रहकर अपने कर्म को निरंतर करते रहना चाहिए तथा सदैव प्रश्न भी रहना चाहिए। 

3.गुरु नानक देव पूरे संसार को एक घर मानते थे, जबकि संसार में रहने वाले लोगों को परिवार का हिस्सा।

4.किसी तरह के लोगों को तैयार कर अपने हाथों से मेहनत कर एवं न्यायोचित तरीकों से धन का अर्जन करना चाहिए।

5.कभी भी किसी का हक नहीं छीनना चाहिए, बल्कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से ज़रूरत मंद को भी कुछ देना चाहिए।

6.लोगों को प्रेम, एकता, समानता, भाईचारा और अदातमिक ज्योति का संदेश देना चाहिए।

7.धन को जेब तक ही सीमित रखना चाहिए उसे अपने हृदय में स्थान नहीं बनाने देना चाहिए।

8.स्त्री जाति का आदर करना चाहिए।वे सभी स्त्री और पुरुषों को बराबर मानते थे।

9.संस्थान को जीतने से पहले स्वयं अपने विकारो पर विजय पाना अति आवश्यक है।

10.अहंकार मनुष्य को मनुष्य नहीं देने देता अत अहंकार कभी नहीं करना चाहिए बल्कि विनम्र होकर सेवाभाव से जीवन गुजारना चाहिए।

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